मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर कुंभ के पहले शाही स्नान के दौरान बड़ी संख्या में लोग खुले में शौच करते देखे गए.

ऐसे भगवान को पूजें ही क्यों स्त्री जो स्त्री के प्रवेश से अपवित्र होता हो? जिस दिन स्त्री ने इस तथाकथित धर्म से जिसकी सारी रीतियों, कुरीतियों, परंपराओं को स्त्री वहन करती है मुँह मोड़ लिया ठेकेदारों के पाँव तले से जमीन खिसक जाएगी।

 

 


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