फ्रांस सरकार ने दशॉल्ट एविएशन के साथ 28 उन्नत राफेल विमानों के लिए 2 बिलियन यूरो के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। ये विमान एफ 4 मानक वाले होंगे और 2024 तक तैयार किए जाएंगे।

हालांकि इसके कुछ खास फीचर 2022 तक विकसित हो जाएंगे। भारत में जो राफेल आएंगे, उनके मुकाबले ये लड़ाकू जहाज हर तरीके से बेहतर बताए जा रहे हैं। इनकी मारक क्षमता ज्यादा होगी। साथ ही 4-एफ राफेल में नए हथियार, जिनमें हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल भी शामिल है, फिट किए जा सकेंगे।

सभी 28 उन्नत राफेल विमान एफ 4 मानक से लैस होंगे और फ्रांस एयरफोर्स को इनकी सप्लाई 2023 तक शुरू हो जाएगी। रक्षा मंत्री फ्लोरेंस परली के मुताबिक, 2023 में एफ 4 मानक वाले 30 और विमानों का ऑर्डर दिया जाएगा जिनकी डिलीवरी 2027 और 2030 में होगी। अनुबंध के मुताबिक, एक विमान की कीमत 567 करोड़ रुपये होगी, जबकि भारत को जो राफेल मिल रहे हैं, उसका दाम 16 सौ करोड़ रुपये से लेकर 17 सौ करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है।

भारत को पुरानी तकनीक वाले राफेल

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण का कहना है कि फ्रांस सरकार राफेल का अपडेट वर्जन खरीद रही है। खास बात है कि 28 अपडेट राफेल की कीमत 2 बिलियन यूरो रखी गई है, जबकि मोदी सरकार जो राफेल खरीद रही है, उनकी कीमत 7.87 बिलियन है। भूषण के मुताबिक, भारत सरकार ने फ्रांस को करीब ढाई गुना ज्यादा कीमत अदा की है। इसका मतलब अंबानी को कथित तौर पर 30 हजार करोड़ रुपये का कमीशन बतौर ऑफसेट कॉंटेक्ट दिया गया है।

दूसरी ओर फ्रांस सरकार का दशॉल्ट एविएशन के साथ 28 राफेल विमानों के लिए 2 बिलियन यूरो के अनुबंध की खबर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इस खबर का खंडन करते हुए फ्रांस सरकार ने कहा है कि 28 विमानों की खरीद के लिए 2 बिलियन यूरो का आंकड़ा वास्तव में राफेल के नए एफ4 संस्करण के विकास के लिए था।

एफ-4 लड़ाकू विमान की खासियत

दसॉल्ट एविएशन द्वारा तैयार किए जाने वाले 28 विमानों में F4 फंक्शनालिटीज शामिल होंगी। फ्रांस के रक्षामंत्री फ्लोरेंस परली दसॉल्ट फैक्टरी का दौरा करने ने बाद यह घोषणा की है कि 2027 के बाद ऐसे ही 30 नए विमानों का ऑर्डर भी दिया जा सकता है। एक अंतरराष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र के मीडिया हाउस के मुताबिक, एफ 4 मानक वाले राफेल में उन्नत रडार सेंसर और फ्रंट सेक्टर ऑप्ट्रोनिक्स के साथ-साथ हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले में बेहतर क्षमताएं विकसित की गई हैं।

विशेष रूप से एमबीडीए की मीका एनजी एयर-टू-एयर मिसाइल और 1,000 किलोग्राम एएएसएम एयर-टू-ग्राउंड मॉड्यूलर हथियार, जो नई स्कैल्प मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होंगे, सुविधा से लैस होंगे। साथ ही थेल्स द्वारा बनाई गई टैलिओस मल्टीफ़्लो ऑप्ट्रॉनिक पॉड तकनीक भी नए विमानों में रहेगी।

नेटवर्क-केंद्रित युद्ध में कनेक्टिविटी समाधान का विकल्प भी दिया गया है। अधिक तेजी से डेटा प्राप्त होगा। उपग्रह संचार और सॉफ्टवेयर परिभाषित रेडियो जैसी नई अत्याधुनिक तकनीक भी राफेल एफ-4 में मुहैया कराई गई है। दसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रेपियर का कहना है कि एफ 4 राफेल विश्व स्तर के सभी मानकों पर खरा उतरता है।