मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी सुप्रीमो रामविलास पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल नेता और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का बिना नाम लिए ही ऐसी अशोभनीय टिप्पणी कर दी।

अब उनके खिलाफ उनकी बेटी ने ही मोर्चा खोल दिया है। अपने पिता पासवान के ‘अंगूठाछाप’ वाले बयान से उनकी बेटी आशा पासवान बेहद नाराज हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कहा है कि पापा ने पूरे महिला समाज को अपमानित किया है। इसके लिए उन्हें राबड़ी देवी से मांफी मांगना होगा नहीं तो उनके खिलाफ वो आंदोलन करेंगी।

आशा ने चेतावनी दी है कि अगर उनके पिता इसके लिए माफी नहीं मांगते तो महिलाओं के साथ वह पटना स्थित लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी। बता दें कि बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव जेडीयू और बीजेपी के साथ मिलकर लड़ने जा रहे पासवान ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एनडीए नीत केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण का विरोध करने को लेकर आरजेडी पर निशाना साधा था। पासवान ने बिना नाम लिए कहा था, ‘वे (आरजेडी) सिर्फ नारेबाजी करते हैं और एक ‘अंगूठाछाप’ को मुख्यमंत्री बनाते हैं।’

गौरतलब है कि 1997 में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने चारा घोटाला के मामले में गिरफ्तारी का सामना करने पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाया था, जिन्होंने कम औपचारिक शिक्षा प्राप्त की है। पासवान की बेटी आशा ने कहा कि उनके पिता ने यह बयान देकर राबड़ी देवी को अपमानित किया है, इससे हम सभी महिलाएं दुखी हैं। उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘मेरी मां भी अनपढ़ थीं, जिसके कारण पिता (पासवान) ने उन्हें छोड़ दिया।’