मध्य प्रदेश विधानसभा में सीएजी ने रिपोर्ट पेश की है जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के कार्यकाल में लगभग 8 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय अनियमितताएं की बातें सामने आई है.

इसको लेकर कांग्रेस पार्टी बीजेपी पर आक्रामक है. विधानसभा के पटल पर रखी गई मध्य प्रदेश नियंत्रक और महालेखाकार (सीएजी) की रिपोर्ट में राज्य में 8,017 करोड़ की गड़बड़ियां सामने आई हैं. कांग्रेस ने इस मामले पर पहले की शिवराज सरकार पर हमला बोला है. सीएजी की गुरुवार की देर शाम को जारी हुई रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य में घोर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं.

कांग्रेस के प्रवक्ता सईद जाफर ने सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर जारी विज्ञप्ति में बताया है कि शिवराज सरकार के काल में हुई वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. सीएजी (कैग) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जाफर ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र में 1224 करोड़ रुपये का नुकसान, छात्रावास संचालन में 147 करोड़ रुपये की अनियतिता, पेंच परियोजना में 376 करोड़ रुपये की अनियमितता हुई हैं.

सीएजी की रिपोर्ट में वाटर टैक्स में 6,270 करोड़ रुपये के नुकसान होने की बात की गई है. कुल मिलाकर राज्य में अनियमितता और नुकसान के जरिए 8,017 करोड़ की चपत लगी है. इससे पहले गुरुवार को ही एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

उनके साथ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को भी पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है. लोकसभा चुनाव में अब 100 दिन से भी कम का समय रह गया है और इसके लिए बीजेपी ने तैयारी शुरू कर दी है. वहीं, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम पर इस तरह के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगने से कांग्रेस पार्टी बीजेपी पर और हमलावर होगी.