अहमदाबाद के वाडज थाना क्षेत्र में एक उभरते कवि 23 वर्षीय पार्थ प्रजापति ने बेरोजगारी से तंग आकर घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

निर्णयनगर इलाके में रहते पार्थ ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा है।

वाडज पुलिस ने बताया कि घटना के समय पार्थ घर में अकेला था। उसकी बहन शनिवार रात को टिफिन लेकर घर पहुंची तो पार्थ फंदे से झूल रहा था। इसके बाद घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की टीम पहुंची। पुलिस के मुताबिक, पार्थ के शव के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमे उसने लिखा है कि नौकरी नहीं होने की वजह से वह परेशान हो गया, अब उसे घुट-घुट कर नहीं जीना, सॉरी मम्मी-पापा अपना ध्यान रखना। पुलिस ने बताया कि पार्थ अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। उसकी दो बड़ी बहने हैं। दोनों की शादी हो गई है।

शनिवार को शाम के समय उसके पिता प्रहलाद प्रजापति और माता मधुबेन भावनगर अपने एक रिश्तेदार के घर गए हुए थे और पार्थ घर में अकेला था। तभी उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने बताया कि पार्थ अच्छा कवि था। वह स्कूलों और कई कार्यक्रमों में अपनी कविताओं से लोगों को खुश कर देते था। उसकी मौत की खबर सुनते ही माता-पिता सहित परिजनों में शोक की लहर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।