महात्मा गांधी के जीवन का आखिरी साल हमारे इतिहास की कुछ सबसे त्रासद घटनाओं का साक्षी रहा है। यह वह वक़्त था जब भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम का महानायक अचानक देश का सबसे अकेला, सबसे उदास, सबसे उपेक्षित व्यक्ति नज़र आने लगता है।

देश के कई राज्यों में प्लास्टिक या पोलीथिन कैरी बैग पर प्रतिबंध तो है, लेकिन जनजागृति के अभाव में जमीन पर इसका असर कम ही देखा जा रहा है। पृथ्वी के पर्यावरण को बिगाड़ने में इनकी बहुत बड़ी भूमिका है। 

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