उत्तर प्रदेश की राजनीति के बारे में यह कहा जाता है कि जिसने यहां झंडा गाड़ दिया, उसके लिए दिल्ली की कुर्सी का रास्ता आसान हो जाता है।

इस साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों से केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी की स्थिति कुछ ढीली होती नजर आ रही है। एक सर्वे के अनुसार, यूपी में विपक्ष के एकजुट होने के बाद बीजेपी महज 5 सीटों पर ही सिमटकर रह जाएगी।

प्राइवेट न्यूज चैनल आजतक और कार्वी इनसाइट्स के सर्वे के अनुसार 2014 के आम चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ 71 सीटें जीतने वाली बीजेपी इस बार महज 5 सीटों पर ही सिमट कर रह जाएगी। सर्वे के अनुसार समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन यूपी की 80 में से 58 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है। अगर बीजेपी अपनी सहयोगी अपना दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है तो दोनों को 18 सीटें हासिल हो सकती हैं।

वहीं अगर गठबंधन में इन दोनों दलों के साथ कांग्रेस और आरएलडी भी शामिल हो गए तो बीजेपी के लिए स्थिति शर्मसार करने वाली भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में महागठबंधन के लिए सीटों का आंकड़ा 75 तक पहुंच सकता है, जबकि बीजेपी महज 5 सीटें ही जीत पाएगी।

बात अगर वोट शेयर की करें तो बीजेपी को यहां भी मुंह की खानी पड़ सकती है। 2014 के चुनाव में 43.3 फीसदी से गिरकर 36 प्रतिशत पर सिमट जाएगा। वहीं एसपी-बीएसपी गठबंधन का वोट शेयर 42.8 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत तक हो जाएगा। वहीं कांग्रेस को गठबंधन से कोई खास नुकसान नहीं होगा और पार्टी पिछली बार की 2 सीटों के मुकाबले में 4 सीटें अपनी झोली में डाल सकती है। पार्टी का वोट शेयर भी 7.5 फीसदी से बढ़कर 12 फीसदी तक होने की उम्मीद है।