लोकसभा चुनाव 2019 की आहट के साथ ही आया राम और गया राम का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी से दो बार के विधायक रहे जेपी सिंह ने पार्टी को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

इसके अलावा नौकरशाहों के नौकरी छोड़कर सियासी दलों के दामन थामने का सिलसिला शुरू हो गया है. इस कड़ी में आईपीएस कुश सौरभ ने वीआरएस लेकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है.

कांग्रेस के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की मौजूदगी में जेपी सिंह और कुश सौरभ कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए हैं. माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस इन दोनों नेताओं को अपने उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतार सकती है.

कुश सौरभ गोरखपुर के रहने वाले हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें पूर्वांचल की किसी भी सीट से चुनाव लड़ा सकती है. जबकि जेपी सिंह मुरादाबाद से हैं और दो बार के बीजेपी विधायक रह चुके हैं.

बता दें कि सूबे में सपा-बसपा गठबंधन के बाद कांग्रेस अकेले सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. कांग्रेस के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अगर सामान विचाराधारा वाले दल अगर हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में हम कुछ सीटें उनके लिए छोड़ सकते हैं.

एक सवाल के जवाब में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद पता चलेगा कि कौन सी पार्टी प्रदेश में कमजोर है और कौन सी मजबूत. अभी हमारा फोकस सूबे में मजबूती के साथ चुनाव लड़ना है. 2019 के चुनाव में कांग्रेस बीजेपी को कड़ी टक्कर देगी.