अब 2019 के लोकसभा चुनाव आने वाले हैं। उसके कुछ महीनों पहले पत्रिका द्वारा राहुल गांधी को ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ चुना जाना काफी अहम है।

उनके नेतृत्व में कांग्रेस को हाल ही में तीन राज्यों की सत्ता की कमान मिली है।

देश की प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका इंडिया टुडे ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को 2018 का ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ करार दिया है। अपने ताजा अंक में पत्रिका ने एक राष्ट्रीय नेता के तौर पर राहुल गांधी के विकास को रेखांकित करते हुए उन्हें एक जुझारू और करिश्माई नेता बताया है। रिपोर्ट में साफ तौर पर यह कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष की न सिर्फ राजनीतिक पकड़ मजबूत हुई है, बल्कि हालिया चुनावी सफलताओं के बाद वे पीएम मोदी को चुनौती देने वाले प्राथमिक नेता बन गए हैं।

बता दें कि इससे पहले 2017 में विराट कोहली, 2016 में नरेंद्र मोदी, 2015 में स्टार्ट-अप इंडियन को सामूहिक रूप से और 2014 में भी नरेंद्र मोदी ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ रह चुके हैं।

इंडिया टुडे की निगाह में 2014 में नरेंद्र मोदी ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ इसलिए थे क्योंकि उस साल हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने भारी जीत पाई थी और देश के पीएम बने थे। जबकि 2016 में उन्हें नोटबंदी का जुआ खेलने के लिए ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ चुना गया था। आज इन दोनों घटनाओं की सच्चाई हमारे सामने है। जिन बड़े वादों की पोटली के जरिये नरेंद्र मोदी सत्ता के सिंहासन पर पहुंचे थे, उन्हें हकीकत का जामा पहनाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं हुई। और नोटबंदी पर तो जितना भी कहा जाए कम है। वो तो देश के लिए त्रासदी ही साबित हुई।

अब 2019 के लोकसभा चुनाव आने वाले हैं। उसके कुछ महीनों पहले पत्रिका द्वारा राहुल गांधी को ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ चुना जाना काफी अहम है। उनके नेतृत्व में कांग्रेस को हाल ही में तीन राज्यों की सत्ता की कमान मिली है। राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के एक साल के भीतर कांग्रेस को मिली इस शानदार जीत ने उनके नेतृत्व को न सिर्फ धार दी है, बल्कि इसने पीएम मोदी और सत्ताधारी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है।

मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष संजय निरुपम ने इंडिया टुडे की इस आवरण कथा से सहमति जताते हुए ट्वीटर पर लिखा कि राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी है। इंडिया टुडे ने 2009 में भी राहुल गांधी को ‘न्यूजमेकर ऑफ द ईयर’ चुना था। गौरतलब है कि उस साल यूपीए लगातार दूसरी बार केंद्र की सत्ता पर काबिज होने में कामयाब रही थी।

डॉ पूजा त्रिपाठी ने इंडिया टुडे के कवर को ट्वीट करते हुए लिखा, “देखिए, कौन धारा को बदल रहे है।”

साफ है कि राहुल गांधी के नेतृत्व और क्षमता की यह स्वीकृति भारतीय राजनीति पर उनके निर्णायक प्रभाव को साबित करता है।