अपने दोस्त चीते के फार्महाउस पर बाघ ने मेमनी को दिया प्रिसेेड, प्रिप्लेन, प्रिमेड, प्रिस्क्रिप्ड इंटरव्यू। उसने अपने से पहले रहे जंगल के शेरों पर अनेक लांछन लगाए।

 उसने कहा पहले शेर और उसके बच्चो ने जंगल बरबाद किया उनको मैं कच्चा खा जाऊँगा। उसने अपना घास का कंगन दिखाया बोला मुझे बीमार बूढा बना दिया गया है। तुम सब मेरे पास आओ अभी भी मेरे हाथ में सोने का कंगन है, तुम सब अमीर हो जाओगे। उसने ये भी कहा जो मेरे पास आएगा सुरक्षित रहेगा मालामाल रहेगा। उसने कहा मैंने जंगल के धन की सम्पदा के रखवाले की गर्दन नहीं मरोड़ी उस पर दाँत नहीं गड़ाए वह खुद डरकर भाग गया वह परेशान था भागने को। मेमनी ने नहीं पूछा क्या उसे पागल कुत्ते ने काट खाया था जो इतने पावरफुल सम्मानजनक पद को छोड़ भागा, भागने को परेशान था।

उसने कहा ये हरा भरा जंगल जो मुझ से पहले से उगा लहलहा रहा है मैंने ही बचाया बनाया है। मुझसे पहले वाले तो सारा जंगल रौंद डालते थे। उसने कहा मेरे नीले होठ मत देखो मैं अपने पास आए प्रिय पशुओं खासकर गधों, भेड़ो भेड़ियों को निडर घूमने देता हूँ। मेमनी बोली आपका मैजिक खत्म तो नहीं हुआ सब कहते हैं, मैं नहीं कहती क्योंकि मुझे पता है अगर मैंने कहा तो आप मुझे मटर की तरह गाल में रखकर दाढ़ से पट कर दोगे। मुझसे कोई गलती हो तो क्षमा करना मैं तो भोली भाली फार्महाउस पर आपके द्वारा बुलाई मेमनी हूँ। बस गर्वित हूँ कि बाघ का इंटरव्यू लेकर जिन्दी बचकर जाऊँगी। इतनी बहादुर हूँ। बाघ बोला मैं भेड़ियों के सहारे भेड़ों, गधों को बेहतर मैनेज कर लेता हूँ। उन्होंने इंटरव्यू का सारा वक्त अपने से पहले रहे शेरों को गरियाने में लगाया। मेमनी ने पूछा आप का मैजिक खत्म नहीं हुआ तो कई जगह अब पशु आपकी बात नहीं मानते। कई शेर तो आपको पछाड़ने में लगे हैं। बाघ ने मेमनी से कहा ये कुछ जंगल के उन शेरों ने अपवाह फैलाई कि मैं कमजोर हूँ जो मांदों में मांस छिपाकर रखते हैं। कुल मिलाकर बाघ ने भेड़ों मेमनों को मूर्ख बनाने की भरसक कोशिश की।

मेमनी ने कहा कुछ शेर कहते हैं आपके मित्र मांस लेकर भाग गए आपने भगाया। वे बोले अरे नहीं वे तो मेरे डर से भागे। मैं उन्हें पकड़कर लाऊंगा। जितना मांस ले गए वह भी वापिस लाऊंगा। मेमनी ने नहीं पूछा वे आपके साथ हर जगह पाए गए थे। आप जब इतने चतुर स्मार्ट तो उन्हें भागने क्यों दिया? जितने शेर इन सबको मैं कच्चा खा जाऊँगा। उसने सभी सवालों के जवाब पर अपनी तारीफों के पुल बांधे। उसने कहा हम सबको मजबूत बनाएंगे, हमने ये किया वो किया। मेमनी बोली आपने बहुत सारे काम किए। मगर कुछ लोग नहीं मानते। वह बोला हमने जंगल की सिंचाई की, खाद दी, भेड़ियों की रक्षा की उन्हें बचा खुचा मांस खिलाया। मेमनी नहीं पूछ पाई जब आपने इतना किया तो कुछ पशु आत्महत्या क्यों कर गए। और भी बहुत सारे सवाल मेमनी पूछ नहीं पाई। सवाल बाघ ने मेमनी को पहले ही बताए थे। उसके अलावा वह पूछ भी नहीं सकती थी। उसे दिलचस्पी भी नहीं थी उसने बाघ का इंटरव्यू लिया वह इस बात से फूली नहीं समा रही थी।

बाघ ने कहा चार करोड़ घर में रोशनी नहीं अठारह हजार पशुओं के आवास पर रोशनी पहुँचाई। मेमनी डर के मारे पूछ नहीं पाई कि इसके अलावा पूरे जंगल में रोशनी किसने बांटी थी? डेढ़ सौ करोड़ पशुओ के पास रोशनी क्या पिछले शेरों ने बाँटी थी। वे पशुओं की तारीफ कर उन्हें फुसलाते रहे। पशुओं पर अत्याचार हुए हैं मैं तो उनकी रक्षा करूँगा कहते रहे। मेमनी ने पूछा कई आपके दोस्त भाग रहे हैं, कई आपस में हाथ मिला रहे हैं। बाघ बोला, ये सब मुझसे डरकर इकट्ठे हो रहे हैं। और मन ही मन कहा इन सारे शेरों को तो मैं या तो मेरे साथ आएंगे वरना चटनी बनाकर चाट जाऊँगा। मगर प्रत्यक्ष बोला हम अपने साथियों को बढ़ाते हैं। इन सभी शेरों को बरगलाने वाला इन्हें खा जाएगा। बेचारी मेमनी ने बताएनुसार बाघ की इमेज रगड़ -रगड़कर साफ करने की भरसक कोशिश की मगर कर नहीं पाई। कोई क्रॉस क्वेश्चन करने की मेमनी की हिम्मत नहीं थी। क्रॉस क्वेश्चन न हों इसीलिए बाघ ने प्रिसेड, प्रिपलेन, प्रिमेड, प्रिस्क्रिप्ड इंटरव्यू दिया।

बाघ शातिर बहुत है उसने नहीं बताया कि ये मेल मिलाप की सद्भाव की बात उसे चुनाव से पहले याद क्यों आई? करनी कथनी में अंतर क्यों है। अब उसकी धूर्तता से सब परिचित हो चुके सो एक फ्लॉप इन्टरव्यू साबित हुआ। मगर भेड़ियों ने उसकी भक्षण शक्ति की तारीफ की और गधों ने जोर -जोर से क्या भाषण दिया कहकर तालियाँ बजाई। अन्य पशुओं ने ये सोचकर कि राजा बाघ बने या शेर हमें तो बारी-बारी से निपटाया ही जायेगा सोचकर चुप्पी साध ली। क्योंकि शेर और बाघ आखिर होते तो नॉनवेज ही हैं।