लंदन में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक करने के डिमॉनस्ट्रेशन के दौरान अमेरिकी हैकर सईद सूजा ने दावा किया है कि भारत के चुनावों में ईवीएम को हैक किया गया।

इस दौरान उसने सनसनीखेज आरोप लगाया कि बीजेपी को ईवीएम हैकिंग में रिलायंस कम्यूनिकेशन से मदद मिलती है। इसके लिए कंपनी लो फ्रिक्वेंसी सिग्नल देती है। भारत में ऐसी 9 जगहें हैं जहां यह फैसिलिटी उपलब्ध है। हैकर ने लंदन में प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया था कि भारतीय ईवीएम मशीनें हैक हो सकती हैं. 2014 के लोकसभा और 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उसने ईवीएम हैक की थी। इसके लिए भारतीय राजनीतिक दलों के नेताओं ने संपर्क किया था। हैकर ने ईवीएम में ट्रांसमीटर के जरिए कथित हैकिंग का दावा किया था। 

भारतीय हैकर ने दावा किया है कि राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में भी भाजपा ने ईवीएम हैक करने की कोशिश की थी।

हैकिंग के बारे में जानते थे मुंडे इसलिए कराई हत्या

हैकथॉन में इस साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे की 2014 में हत्या की गई थी। एक्सपर्ट सईद सूजा का कहना है कि मुंडे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को हैक करने के बारे में जानकारी रखते थे। भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम को डिजाइन करने वाले एक्सपर्ट ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और गुजरात में भी धांधली हुई थी।

एक्सपर्ट ने किए कई और दावे 

  • इस मशीन को ब्लूटूथ की मदद से हैक नहीं किया ला सकता है। ग्रेफाइट आधारित ट्रांसमीटर की मदद से ही ईवीएम को खोला जा सकता है। इन ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल 2014 के चुनाव में भी किया गया था। 
  • एक्सपर्ट का दावा है कि कोई व्यक्ति ईवीएम के डेटा को मैन्युपुलेट करने के लिए लगातार पिंग कर रहा था। 2014 में बीजेपी के कई नेताओं को इस बारे में जानकारी थी। जब उन्होंने एक अन्य बीजेपी नेता तक यह बात पहुंचाई तो उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या करवा दी गई।
  • एक्सपर्ट का दावा है कि ईवीएम हैक करने में रिलायंस कम्युनिकेशन बीजेपी की मदद करता है। 
  • एक्सपर्ट का कहना है कि उन्होंने दिल्ली के चुनाव में इस ट्रांसमिशन को रुकवा दिया था इसलिए बीजेपी यह चुनाव हार गई थी। दिल्ली के चुनाव में बीजेपी की आईटी सेल द्वारा किया गया ट्रांसमिशन पकड़ में आ गया था। एक्सपर्ट ने कहा, 'हमने ट्रांसमिशन को आम आदमी पार्टी के पक्ष में कर दिया था। वास्तविक नतीजे 2009 के जैसे ही थे।' 
  • एक्सपर्ट का दावा है कि उन्होंने (बीजेपी) ने कम फ्रिक्वेंसी वाले ट्रांसमिशन को भी इंटरसेप्ट करने की कोशिश की थी। बीजेपी को जब ईवीएम को लेकर चुनौती दी गई तो उन्होंने ऐसी मशीन का इस्तेमाल किया, जिसे हम भी हैक नहीं कर सकते हैं।

ईवीएम हैकिंग को लेकर हो रहे प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा हैं। सिब्बल का इस मौजूदगी को लेकर मीडिया सवाल खड़े कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमेरिकी हैकर ने बताया कि ईवीएम को ट्रांसमिटर के जरिए बिना किसी ब्लूटूथ और वाईफाई के हैक किया जा सकता है। इसके लिए चिपसेट कर्नेल को बाइपास करना होता है। ईवीएम में काफी पुराना चिपटेस यूज किया जाता है।

हैकर के दावे केबाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी बयान देना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा है कि हमारे महान लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है। सभी विपक्षी दलों ने यूनाइटे इंडिया ब्रिगेड रैली के बाद ईवीएम के मसले पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दल चुनाव आयोग के सामने ईवीएम में छेड़छाड़ का मुद्दा उठाते रहे हैं। 

ईवीएम (EVM) को लेकर हैकर के कथित दावे को भारतीय निर्वाचन आयोग के शीर्ष टेक्निकल एक्सपर्ट डॉ. रजत मूना ने खारिज किया है। उन्होंने हैकर के दावे को बेबुनियाद बताया है। आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर और चुनाव आयोग की टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी के मेंबर डॉ. रजत मूना ने कहा है कि ईवीएम मशीनों से किसी भी तरह से छेड़छाड़ नहीं हो सकती। ये मशीनें टेंपर प्रूफ हैं।