अस्थाना पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धाराओं के तहत आपराधिक कदाचार, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप हैं. 

हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना ने एक मामले में राहत पाने के लिए कथित रूप से रिश्वत दी थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रिश्वत के आरोपों पर सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इंकार कर दिया. जस्टिस नाजमी वजीरी ने सीबीआई के उपाधीक्षक देवेंद्र कुमार और कथित बिचौलिये मनोज प्रसाद के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से भी इंकार किया.

हाई कोर्ट ने यह फैसला अस्थाना, कुमार और प्रसाद की याचिकाओं पर सुनाया. इन तीनों ने उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की थी. अस्थाना पर भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धाराओं के तहत आपराधिक कदाचार, भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप हैं. हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना ने एक मामले में राहत पाने के लिए कथित रूप से रिश्वत दी थी. सना की शिकायत पर ही FIR दर्ज हुई है. सना ने अस्थाना पर भ्रष्टाचार, रंगदारी और गंभीर कदाचार के आरोप लगाये थे.

बता दें कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यों की सिलेक्ट कमेटी ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया. आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं. वर्मा का कार्यकाल 31 जनवरी को खत्म हो रहा था.