CBI चीफ आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है. पीएम मोदी के नेतृत्व में सेलेक्शन कमेटी की हुई बैठक के बाद यह फैसला किया गया.

CBI चीफ आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है. पीएम मोदी के नेतृत्व में सेलेक्शन कमेटी की हुई बैठक के बाद यह फैसला किया गया. सेलेक्शन पैनल की बैठक के बाद आलोक वर्मा का तबादला कर दिया गया. बैठक में पीएम मोदी, लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस एके सीकरी शामिल थे. कमेटी को एक हफ़्ते में तय करना था कि आलोक वर्मा को हटाया जाएं या नहीं, लेकिन उसने आज ही अपना फैसला सुना दिया. बता दें कि नागेश्वर राव एक बार फिर काम संभाल सकते हैं. सूत्रों के अनुसार सेलेक्शन कमेटी की बैठक में आलोक वर्मा को हटाए जाने पर एकराय नहीं थी. मल्लिकार्जुन खड़गे इसपर सहमत नहीं थे. इसके बाद बहुमत के आधार पर फैसला लिया गया.

अधिकारियों ने बताया कि 1979 बैच के एजीएमयूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी वर्मा को भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोप में पद से हटाया गया. इसके साथ ही एजेंसी के इतिहास में इस तरह की कार्रवाई का सामना करने वाले वह सीबीआई के पहले प्रमुख बन गए हैं. उन्होंने बताया कि वर्मा को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में पदस्थापित किए जाने की संभावना है. सीवीसी की रिपोर्ट में वर्मा के खिलाफ 8 आरोप लगाए गए थे. यह रिपोर्ट उच्चाधिकार प्राप्त समिति के समक्ष रखी गई. बता दें कि कल भी पीएम आवास पर सेलेक्शन कमेटी की बैठक हुई थी, लेकिन इस पर फैसला नहीं हो सका था. इससे पहले दफ्तर संभालते ही आलोक वर्मा एक्शन में आ गए थे. उन्होंने अंतरिम प्रमुख नागेश्वर राव द्वारा किए गए ट्रांसफर को रद्द करने के साथ-साथ 5 अधिकारियों का ट्रांसफर भी कर दिया था.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के सरकारी आदेश को मंगलवार को रद्द कर दिया था. आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच तकरार शुरू होने के बाद सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था और उनके सारे अधिकार ले लिए थे.

आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजने के बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी नागेश्वर राव को 23 अक्टूबर, 2018 को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे. अधिकारियों के अनुसार अगली सुबह ही राव ने बड़े पैमाने पर तबादले किए. उनमें अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले अधिकारी जैसे डीएसपी एके बस्सी, डीआईजी एम के सिन्हा, संयुक्त निदेशक एके शर्मा भी शामिल थे. आलोक वर्मा ने बुधवार को अपना दायित्व संभाला और राव द्वारा किए गए सभी तबादले रद्द कर दिए.