राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस के तेवर और कड़े होते जा रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल सौदे को लेकर रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर पलटवार किया।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद का आदेश देने को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने रविवार को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद का आदेश देने का ‘झूठ' बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि एचएएल का कहना है कि उसे ‘एक पैसा भी नहीं मिला.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी सरकार पर एक और निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया है. 'जब आप एक झूठ बोलते हैं तो उसे छुपाने के लिए कई झूठ बोलने पड़ते हैं. राफेल डील को लेकर पीएम मोदी की झूठ को बचाने के चक्कर में रक्षामंत्री को संसद में झूठ बोलना पड़ा. सोमवार को रक्षामंत्री को संसद के सामने वो कागजात पेश करने चाहिए, जिसमें यह जिक्र हो कि सरकार ने एचएएल को एक लाख करोड़ रुपए के ऑर्डर दिए हैं या फिर इस्तीफा दें.

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने सूट-बूट वाले दोस्तों की मदद करने के लिए एचएएल को कमजोर किया है. इसके एक दिन बाद पार्टी ने यह आरोप लगाया.

विपक्षी दल ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने फ्रांस के साथ राफेल लड़ाकू विमान सौदे के तहत एचएएल को एक ऑफसेट अनुबंध से वंचित कर दिया. सरकार इन आरोपों को खारिज कर चुकी है. उधर, भाजपा नीत एनडीए सरकार ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने अपने शासनकाल में एचएएल का समर्थन नहीं किया और सरकार अब रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम को मजबूत कर रही है.
मीडिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी एचएएल वित्तीय संकट से जूझ रही है और अपने कर्मियों को तनख्वाह देने के लिए धन उधार लेने को मजबूर है. इसके बाद गांधी ने शनिवार को सरकार पर निशाना साधा था.

कांग्रेस के प्रमुख प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को ट्वीट किया, ‘झूठ बोलने वाली रक्षा मंत्री का पर्दाफाश हो गया. रक्षा मंत्री ने दावा किया था कि एचएएल को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद के ऑर्डर दिए गए हैं. एचएएल का कहना है कि उसे एक पैसा तक नहीं मिला क्योंकि एक भी ऑर्डर पर हस्ताक्षर नहीं किए गए. पहली बार, एचएएल वेतन देने के लिए 1000 करोड़ रुपए का कर्ज लेने को मजबूर है.'

सुरजेवाला ने उस मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह बात कही जिसमें कहा गया था, ‘एक लाख करोड़ रुपए में से एचएएल को एक पैसा भी नहीं मिला क्योंकि किसी आदेश पर हस्ताक्षर ही नहीं किए गए.' एचएएल के वरिष्ठ प्रबंधक के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है.