भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने सोमवार को 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' के एक पुराने आर्टिकल का लिंक शेयर किया था जिसे अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से शेयर किया जा रहा है. 

2013 में छपे इस आर्टिकल के अनुसार 'कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ-II से भी अधिक अमीर हैं'.

इस आर्टिकल को ट्वीट करते हुए अश्विनी उपाध्याय ने लिखा, "कांग्रेस की एलिज़ाबेथ ब्रिटेन की महारानी से और कांग्रेस के सुल्तान ओमान के सुल्तान से भी अधिक अमीर हैं. भारत सरकार को जल्द से जल्द क़ानून बनाकर इनकी 100 फ़ीसद बेनामी संपत्ति को ज़ब्त कर लेना चाहिए और उम्रक़ैद की सज़ा देनी चाहिए."

अपने इस ट्वीट में अश्विनी उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री के दफ़्तर (पीएमओ) के आधिकारिक हैंडल को भी टैग किया है. तीन हज़ार से अधिक लोग उनके इस ट्वीट को लाइक और री-ट्वीट कर चुके हैं.

दक्षिणपंथी रुझान रखने वाले फ़ेसबुक ग्रुप्स और पन्नों पर भी अब इस आर्टिकल को शेयर किया जा रहा है. यहाँ भी लोग कथित तौर पर सबसे अमीर भारतीय नेता सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं.

दिल्ली भाजपा के सोशल मीडिया और आईटी हेड पुनीत अग्रवाल ने भी टाइम्स ऑफ़ इंडिया के इस आर्टिकल को शेयर किया है और इसे एक चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश की है. 

पुनीत अग्रवाल ने लिखा, "कितने न्यूज़ चैनल अब इस मुद्दे पर डिबेट करेंगे. सिवाए करप्शन के भला कांग्रेस की इतनी कमाई का क्या सोर्स हो सकता है?"

लेकिन बीबीसी ने इन सभी दावों को ग़लत पाया क्योंकि जिस रिपोर्ट के आधार पर 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' का ये आर्टिकल लिखा गया था, उस रिपोर्ट में बाद में तथ्यात्मक बदलाव किये गए थे और सोनिया गांधी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया था.