केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने 24 दिसंबर को फर्जी न्यूज़ वेबसाइट के हवाले से ट्वीट किया-

“2018 में दुनिया की सबसे भ्रष्ट राजनीतिक पार्टी की शीर्ष 10 सूची और राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस का इसमें दूसरा स्थान… सबसे भ्रष्ट राजनीतिक दल को बधाई…” 

भाजपा सांसद ने ‘बीबीसी न्यूज़ हब डॉट कॉम’ (bbcnewshub.com) के “2018 में दुनिया की सबसे भ्रष्ट राजनीतिक पार्टी की शीर्ष 10 सूची” शीर्षक से लिखे लेख के आधार पर दावा करते हुए कांग्रेस को “भारत के लिए शर्म” करार दिया। इस लेख में कांग्रेस को दूसरे स्थान पर रखा गया है।

गिरिराज सिंह द्वारा शेयर की गई सूची ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) जैसी लगने वाली एक फर्जी समाचार वेबसाइट द्वारा बनाई गई थी। ‘bbcnewshub.com‘ और आधिकारिक bbc.com वेबसाइट के बीच अंतर साफ है।

इसके अलावा, खराब शब्दों वाला यह लेख व्याकरण संबंधी त्रुटियों से भरा हुआ है। इसका पहला पैराग्राफ कहता है- “…राजनीतिक दल सदस्य या प्रतियोगी नियुक्त करते हैं, दुनिया के किसी भी देश में सरकार तय करने के लिए चुनाव चलाने और आयोजित करने के लिए भी ये दल होते हैं।” 

बीबीसी न्यूज़ हब का अजीब-सा ‘About us’ खंड भी अपने नकलीपन का भेद खोलता है। इसमें कहा गया है, “बीबीसी न्यूज़ हब डॉट कॉम सम्मानजनक आगंतुकों को, जो दुनिया भर से संबंधित हैं, संपूर्ण, संक्षिप्त, सही, स्वस्थ और मजबूत सामग्री प्रदान करने के लिए सबसे अच्छी जगह है। यह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय, वर्तमान और सभी प्रकार की जानकारी प्रदान करता है।”

ऑल्ट न्यूज़ ने पहले ही ‘दुनिया के सबसे भ्रष्ट राजनीतिक दलों’ की इस सूची को खारिज किया था। मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन मोहनदास पाई इस लेख के झांसे में आ गए थे। यह लेख इस साल जुलाई से ही सोशल मीडिया पर चल रहा है।

बीबीसी न्यूज़ हब ने एक और सूची तैयार की, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे भ्रष्ट नेताओं में 7 वें स्थान पर रखा गया। अमेरिकी समाचार संगठन फॉक्स न्यूज की नकल करते एक अन्य फर्जी समाचार वेबसाइट फॉक्स न्यूज़ पॉइंट डॉट कॉम (foxnewspoint.com) ने प्रधानमंत्री मोदी के परिवार को दुनिया का दूसरा सबसे भ्रष्ट राजनीतिक परिवार बताया।

पिछले दिनों बीबीसी न्यूज़ हब को खारिज करने के बावजूद, गिरिराज सिंह ने कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए उसकी सूची शेयर की। केंद्रीय मंत्री ने पहले दावा किया था कि राहुल गांधी के एक ट्वीट को पाकिस्तान के आधिकारिक रक्षा अकाउंट से रीट्वीट किया गया था। उनका यह दावा भी गलत निकला था क्योंकि वह हैंडल देश के रक्षा मुद्दों पर चर्चा करने वाले एक ऑनलाइन फ़ोरम से संबंधित था।