भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मालदा में अपनी रैली में दावा किया कि विपक्ष की महागठबंधन रैली के दौरान 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे नहीं लगे।

उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए सवाल किया कि "क्या आपने उस रैली में एक भी बार 'भारत माता की जय' या 'वन्दे मातरम' के नारे सुने?" इस वीडियो में वो यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, “इतना बड़ा ब्रिगेड समावेश था साहब, एक भी भारत माता की जय नहीं लगी। लगी थी क्या? एक भी वन्दे मातरम बोला क्या? इनको तो मोदी मोदी मोदी....और कुछ दिखाई ही नहीं पड़ता है।"

अमित शाह के दावे को भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया और भाषण का लाइव वीडियो भी अपलोड किया जिसमें 13:50वें मिनट पर उन्हें यह दावा करते सुना जा सकता है कि रैली में 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे नहीं लगे।

19 जनवरी को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में यूनाइटेड इंडिया रैली आयोजित हुई थी, जहां विपक्षी पार्टियां केंद्र सरकार को बदलने के लिए एकजुट हुई थीं। अगर इस कार्यक्रम का पूरा 5-घंटे से ज्यादा का वीडियो को हम देखें तो अमित शाह का बयान गलत साबित होता है। इस वीडियो में 3:04:35वें घंटे पर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘वंदे मातरम’ के नारे, उससे पहले, ‘जय हिंद’ के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।

ममता बनर्जी यह कहती हैं, -- "बदल दो बदल दो, दिल्ली की सरकार बदल दो! जय हिंद! वंदे मातरम।"

ये नारे उन्होंने अपने भाषण के अंत में लगाए जिसकी मुख्यधारा मीडिया ने खबर भी की।

गुजरात के युवा नेता हार्दिक पटेल ने भी तृणमूल कांग्रेस की महारैली में भाषण दिया। नीचे दिए वीडियो में 4:50वें मिनट पर उन्हें 'भारत माता की जय' बोलते हुए सुना जा सकता है। वास्तव में, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने भी कुछ ऐसा कहा -- 'जय भारत'।

इस प्रकार यह स्पष्ट है कि अमित शाह ने - विपक्षी दलों पर 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे नहीं लगाने का - झूठा आरोप लगाया। ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह भ्रांति केवल शाह तक सीमित नहीं रही। 

'आज तक' की श्वेता सिंह के नाम से भी एक गलत उद्धरण सोशल मीडिया में खूब फैलाया गया था। जिसका खंडन करते हुए खुद श्वेता सिंह ने ट्वीट कर कहा : "अगर किसी को मालूम है ये कौन सा अख़बार है, तो कृपया बताएँ। ना तो मैंने ऐसा कुछ कहा है। ना लिखा है। ना ये तथ्यात्मक तौर पर सही है। क्योंकि उस रैली के अंत में जय हिंद का नारा लगा था। ग़ज़ब है, अब पैरोडी अकाउंट भी छापे जाएँगे!"