नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में कथित तौर पर जिस तेज़ी से सड़कों का विकास किया, उसे दिखाने के लिए भाजपा ने सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें पोस्ट की थीं, वे ग़लत है.

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार के काम का प्रचार करने के लिए सोशल मीडिया पर चल रहे #10yearchallenge की तर्ज़ पर '#5yearchallenge' नाम का एक कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन के तहत पार्टी ने अपने दावों के साथ कुछ कार्टून और तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं. भारत के कई शहरों में इसी वजह से #5yearchallenge ट्विटर पर ट्रेंड करता दिखा.

पार्टी ने बीते 24 घंटे में जो तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं, उनमें से कुछ की बीबीसी ने जाँच की. और पाया कि जो दो तस्वीरें दिल्ली से सटे 'वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेस-वे' के काम को दिखाने के लिए पोस्ट की गई हैं, वो फ़र्ज़ी हैं.

झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, ओडिशा, चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप समेत बीजेपी की 20 से ज़्यादा राज्य ईकाईयों ने सोशल मीडिया पर इन ग़लत तस्वीरों को पोस्ट किया है. हज़ारों लोग अब तक बीजेपी के फ़ेसबुक पन्नों और ट्विटर हैंडल्स ने इन तस्वीरों को शेयर और री-ट्वीट कर चुके हैं.

शेयर की गई तस्वीरें

बीजेपी की सोशल मीडिया पोस्ट में ये दिखाने के लिए कि 'वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेस-वे' का काम कितनी तेज़ी से पूरा किया गया, #5yearchallenge के साथ दो तस्वीरें लगाई गई हैं. एक तस्वीर में कुछ मज़दूर बड़े से हाइवे पर काम करते दिख रहे हैं और दूसरी तस्वीर में तैयार हाइवे पर आप गाड़ियाँ गुज़रते देख सकते हैं. तस्वीरों के ऊपर लिखा है, 'तब...और....अब'. पार्टी ने अपनी पोस्ट में ये दावा किया है कि तय समय सीमा से भी पहले मोदी सरकार ने हाइवे निर्माण का काम पूरा कर दिखाया.

लेकिन इमेज सर्च से पता चलता है कि दोनों ही तस्वीरें 'वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेस-वे' की नहीं हैं.

पहली तस्वीर जिसमें 'कच्चा हाइवे' बना हुआ दिखाई देता है, वो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार में बने 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' की तस्वीर है जिसे 17 मार्च, 2015 को फ़ोटोग्राफ़र मनीष अग्निहोत्री ने क्लिक किया था. इस फ़ोटो के कैप्शन के अनुसार फ़ोटोग्राफ़र ने थोड़ी ऊंचाई से खींची गई इस तस्वीर के ज़रिए ये दिखाने की कोशिश की थी कि 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' के निर्माण में कितनी बड़ी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. ये वही हाइवे है जिसका उद्घाटन समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के अंतिम दिनों में किया था और भारतीय वायु सेना ने इस पर लड़ाकू विमानों 'लैंडिंग और टेक ऑफ़' का प्रदर्शन किया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अखिलेश यादव की सरकार में इस एक्सप्रेस-वे को 24 महीने से कम वक़्त में तैयार किया गया था.

दूसरी तस्वीर... 
अब बात दाईं ओर वाली तस्वीर की. ये तस्वीर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की है जिसके पहले खंड का उद्घाटन रविवार, 27 मई 2018 को ख़ुद पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था.

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे तीन खंड में तैयार होना है. जो तस्वीर बीजेपी की पोस्ट में दिख रही है, वो दिल्ली की तरफ का हिस्सा है जिसके उद्घाटन पर पीएम मोदी ने अपने समर्थकों के बीच एक रोड शो भी किया था. पीएम मोदी के रोड शो और हाइवे के पहले खंड के उद्घाटन की सूचना देते हुए बीजेपी के केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने यही तस्वीर #SaafNiyatSahiVikas के साथ 26 मई 2018 को ट्वीट की थी. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के समय कहा था कि उनकी सरकार मार्च, 2019 तक इस हाइवे का काम पूरा करने की कोशिश करेगी.

ग़लत दावा

इंटरनेट आर्काइव की मदद से पता चलता है कि बीजेपी के मुख्य आधिकारिक हैंडल @BJP4India से भी ये दोनों तस्वीरें गुरुवार रात को ट्वीट की गई थीं. क्रवार को इन तस्वीरों को @BJP4India से हटा दिया गया. पार्टी के अन्य छोटे-बड़े सभी सोशल मीडिया पन्नों पर ये तस्वीर अभी भी शेयर की जा रही है. लेकिन आगरा-लखनऊ और दिल्ली-मेरठ हाइवे की तस्वीरों के आधार पर वेस्टर्न पेरिफ़ेरल एक्सप्रेस-वे का काम तेज़ी से पूरा करने का बीजेपी का दावा ग़लत है.