अनुपम खेर की फिल्म दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर ने रिलीज से पहले खूब सुर्खियां बटोरी. राजनीतिक विवाद में फंसी फिल्म का कांग्रेस के कई नेताओं ने विरोध भी किया.

फिल्म के कंटेंट पर जमकर विवाद हुआ. मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंचा. अनुपम खेर ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का रोल निभाया. अनुपम और बाकी एक्टर्स की कास्टिंग भी चर्चा का विषय बनी. लेकिन इन सभी विवादों और चर्चाओं का मूवी के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को फायदा नहीं मिला.

फिल्म एग्रेसिव प्रमोशन के बावजूद टिकट खिड़की पर फ्लॉप साबित हो रही है. 11 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म की कमाई के आंकड़े चौंकाते हैं. अनुपम खेर की मूवी ने 4 दिन में भारतीय बाजार में महज 13.90 करोड़ का बिजनेस किया है. फिल्म के कलेक्शन में गिरावट देखी जा रही है. फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस पर टिकना बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रेंड पंडित भी फिल्म की निराशाजनक कमाई से हैरान हैं. एक नजर डालते हैं दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर के बॉक्स ऑफिस पर पिटने की 5 वजहों पर

पॉलिटिकल कंटेंट

फिल्म मनमोहन सिंह के राजनीतिक सलाहकार संजय बारू की किताब पर बेस्ड है. पहले से ये साफ था कि फिल्म का कंटेंट पॉलिटिकल है. राजनीति में दिलचस्पी ना रखने वाले दर्शकों ने फिल्म को सिरे से नकारा. फिल्म मनमोहन सिंह के कार्यकाल और गांधी परिवार की राजनीति पर फोक्सड है. सिनेमाघरों में एंटरटनेमेंट की तलाश में जाने वाले मूवी लवर्स को फिल्म ने निराश किया. क्रिटिक्स ने भी फिल्म को ज्यादा अच्छा रिस्पॉन्स नहीं दिया है.

बॉलीवुड के हिट मसालों की कमी

दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर पॉलिटिकल ड्रामा है. इसमें टिपिकल हिंदी फिल्मों के चालू मसाले नहीं हैं. गाने, डांस, कॉमेडी और एक्शन फैक्टर मूवी से गायब हैं. सीरियस पॉलिटिकल ड्रामे को परोसती फिल्म की तरफ इसलिए भी दर्शकों की रुचि नहीं बढ़ी.

स्टार वैल्यू का ना होना

फिल्म में अनुपम खेर और अक्षय खन्ना के अलावा कोई बड़ा स्टार नहीं है. दोनों ही एक्टर्स का स्टारडम ऐसा नहीं है जो सिनेमाघरों में लोगों की भारी भीड़ को जुटा पाए. किसी बड़े A लिस्टर एक्टर का ना होना के लिए नेगेटिव रहा.

प्रोपेगेंडा फिल्म

दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को प्रोपेगेंडा फिल्म कहा जा रहा है. मूवी में मनमोहन सिंह का महिमामंडन किया गया है. उन्हें हीरो दिखाया गया है. वहीं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को विलेन के तौर पर दिखाया गया है. महाराष्ट्र के कई कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि फिल्म में गांधी परिवार की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है. मूवी का कंटेंट एंटी कांग्रेस होने की वजह से भी फिल्म के दर्शक कम हुए.

डॉक्यूमेंट्री फिल्म

कई लोग दि एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर को फिल्म नहीं डॉक्यूमेंट्री कह रहे हैं. इसके अलावा मूवी में रियल फुटेज का इस्तेमाल करना भी मेकर्स को भारी पड़ा है. कई लोगों का कहना है कि रियल फुटेज लेने से फिल्म की कहानी डिस्टर्ब हुई है. दर्शक रील और रियल करेक्टर के बीच कंफ्यूज हो रहे हैं.