उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिए हैं कि प्रदेश में जितने भी शिक्षक हैं, चाहे वो माध्यमिक शिक्षा में हों,उच्च शिक्षा में या बेसिक शिक्षा में हों, उन सभी के डोक्यूमेंट की जांच के लिए डेडिकेटेड टीम बनाई जाए.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी स्कूलों के शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के लिए एक टीम बनाने का निर्देश दिया है. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षण संस्थानों, समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच के लिए एक 'डेडिकेटेड टीम' बनाने का निर्देश दिया है.

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सीएम योगी ने यह भी कहा कि अगर कहीं पर भी कोई व्यक्ति फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करता हुआ पाया जाए तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने यह निर्देश ऐसे समय दिए हैं जब राज्य में अनामिका शुक्ला प्रकरण चर्चा में है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर अलग-अलग महिलाओं द्वारा नौकरी करके वेतन लेने के मामले सामने आए हैं. मामले की जांच जारी है.

अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि सहारनपुर में तब्लीगी जमात के जिन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था, उन्हें अदालत ने एक माह की सजा भी सुनाई है. अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वैसे हर जिले में अनलॉक वन है लेकिन जहां भी एक दूसरे से दूरी के नियम का पालन नहीं हो रहा है, जहां भी बाजारों में भीड़भाड़ ज्यादा हो रही हो वहां पुलिस गश्त करे.

अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कामगारों और श्रमिकों को सामाजिक तथा आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के प्रति संकल्प दोहराते हुए कहा कि राज्य में स्किल मैपिंग का कार्य बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे श्रमिकों और कामगारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए राशन कार्ड भी बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. उन्होंने बताया कि सीएम योगी ने कहा है कि दलितों या अनुसूचित जाति अथवा जनजाति पर अगर कहीं अत्याचार होता है तो पुलिस बिना देर किए कार्रवाई करे और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.

 

 


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