नई दिल्ली। पीयूष चावला की उम्र उस समय महज 16 साल थी, जब पहली बार उन्हें सचिन तेंदुलकर को गेंदबाजी करनी थी। 2005 में चैलेंजर ट्रॉफी का मैच था। सचिन तब तक लीजेंडरी क्रिकेटर का दर्जा हासिल कर चुके थे।

पीयूष को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करना था, लेकिन इस लेग स्पिनर ने पूर्व भारतीय बल्लेबाज को टूर्नामेंट के फाइनल में 22 रन पर आउट कर दिया। इंडिया सीनियर यह मैच तीन विकेट से जीत गई।

स्पोर्ट्स कमेंटेटर अरुण वेणुगोपाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर पीयूष चावला से बात की। इस दौरान पीयूष चावला ने बताया कि सचिन को पहली बार गेंदबाजी करते समय मैं बिल्कुल रिलेक्स था, क्योंकि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था।

पीयूष ने बताया, ''पार्थिव पटेल विकेट के पीछे थे। दिनेश मोंगिया कप्तान थे। जब आप 15-16 साल के होते हैं तो या तो आप नर्वस होते हैं या रिलेक्स। संयोग से सचिन तेंदुलकर को गेंदबाजी करते समय मैं रिलेक्स था। यदि सचिन पाजी मेरी गेंदों को हिट भी करते तब भी मेरे लिए इसका कोई अर्थ नहीं था।''

उन्होंने आगे कहा, ''सचिन पाजी शेन वॉर्न, मुथैया मुरलीधरण और ग्लेन मैकग्रा जैसे गेंदबाजों को हिट कर सकते हैं तो मेरी बॉल को मारना कोई बड़ी बात नहीं थी। तो उस समय मेरे पास खोने को कुछ नहीं था।''

इसके बाद पीयूष चावला एक साल बाद बार फिर से सचिन तेंदुलकर के सामने थे। पीयूष ने बताया, ''लोगों को लग रहा था कि सचिन का विकेट पिछली बार की तरह ले लूंगा, लेकिन इस बार सचिन ने मेरे पहले ही ओवर में 20 रन ठोक दिए। सचिन पाजी ने बहुत से गेंदबाजों की ठुकाई की है। इसलिए लोग इस वाकये को याद नहीं करते।''

 

 


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