नई दिल्ली।   कोरोना वायरस को मात देने के लिए दुनिया में करीब 120 वैक्सीन पर काम चल रहा है। लेकिन चार वैक्सीन ऐसी हैं जो लगभग आखिरी चरण में हैं। इनमें एक अमेरिका, दो ब्रिटेन और एक चीन में तैयार हो रही है।आइए जानते हैं कि कौन सी वैक्सीन किस चरण में है।



वैक्सीन खरीदने की होड़

अरब से ज्यादा कोरोना के टीके की खुराक पहले ही खरीदी देशों ने,10 अरब वैक्सीन की जरूरत होगी पूरे विश्व में टीकाकरण शुरू करने को

करोड़ खुराक के लिए अमेरिका ने अस्ट्रोजेनेका से 1.2 अरब डॉलर का अनुबंध किया

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सबसे आगे

वैक्सीन बनाने की दौड़ में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ऑस्ट्रेजेनेका कंपनी सबसे आगे हैं। इनकी वैक्सीन एजेडडी 1222 से दुनिया को काफी उम्मीदें हैं इसलिए यूरोप के कई देश इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। अब तक दो चरणों में यह सफल साबित हुई है और अब 800 लोगों पर इसका ट्रायल हो रहा है।
ब्रिटेन की वैक्सीन का मानव पर परीक्षण शुरू

इंपीरियल कॉलेज लंदन के वैज्ञानिक भी एक वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। मंगलवार को वैक्सीन का मानव परीक्षण शुरू हुआ और छोटी खुराक एक इंसान को दी गई। कॉलेज की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वैक्सीन लेने वाला व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ है।

अरबों खुराक का समझौता

वैक्सीन अभी बनी नहीं लेकिन दुनिया भर से पांच अरब से ज्यादा खुराक का समझौता हो चुका है। अस्ट्राजेनेका तो लाखों डोज अभी से तैयार कर रही है ताकि वैक्सीन अनुमति मिलते ही वह उसे बाजार में उतार सके।

मॉडर्ना का दावा: 90 फीसदी सफलता दर

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना वैक्सीन बनाने के आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। कंपनी के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा जुलाई में वैक्सीन का अंतिम ह्यूमन ट्रायल होगा। उन्हें 80-90 फीसदी तक इसमें सफलता मिलने की उम्मीद है। बैंसेल ने कहा कि हमें भरोसा है कि अमेरिकी ड्रग नियामक संस्था उन्हें जल्द वैक्सीन को बाजार में लाने की अनुमति दे देगी। एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि उनके पास सही जीनोम अनुक्रम है जो वायरस के एंटीबॉडी को तोड़ने में सफल हो सकता है।

चीन नेशनल बायोटेक ग्रुप की ओर से तैयार वैक्सीन को अंतिम ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। चीन में कोरोना के  गंभीर लक्षणों वाले मरीज अब बचे नहीं हैं इसलिए कंपनी वैक्सीन का ट्रायल संयुक्त  अरब अमीरात (यूएई) में करने जा रही है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सितंबर या अक्तूबर अंतिम परीक्षण के बाद उनकी वैक्सीन को अनुमति  मिल जाएगी।

 

 


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