नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने दक्षिणी दिल्ली में कोरोना रोगियों के लिए स्थापित की जा रही भारत की सबसे बड़ी क्वारंटाइन सेंटर को चलाने का काम भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के चिकित्सा कर्मियों सौंपा है।

छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र में बनाए जा रहे इस क्वारंटाइन सेंटर में 10,200 से अधिक मरीजों को रखा जा सकेगा। 15 फुटबॉल मैदानों जितने बड़े छतरपुर के इस सेंटर को सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर एंड हॉस्पिटल नाम दिया गया है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोरोना रोगियों के लिए अस्थायी रूप से बनाया गया यह सेंटर चीन के लीशेंसन में स्थापित किए गए सेंटर से 10 गुना बड़ा होगा। चीन के सेंटर में 1,000 मरीजों को रखने की सुविधा थी। फरवरी में चीनी राजनयिकों ने उस अस्पताल के निर्माण का एक वीडियो जारी किया था।

गृहमंत्री अमित शाह ने इस महीने की शुरुआत में उपराज्यपाल अनिल बैजल से ऐसी जगहों का पता लगाने को कहा था जहां जरूरत पड़ने पर दिल्ली सरकार कोरोना रोगियों को रखने और इलाज करने की अपनी क्षमता का तेजी से विस्तार कर सके।

उपराज्यपाल की अपील के बाद आध्यात्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास केंद्र ने सबसे पहले मदद का हाथ आगे बढ़ाया था। इससे पहले लॉकडाउन के दौरान इस केंद्र ने देश के अन्य हिस्सों में अपने कुछ आश्रमों को प्रवासियों के लिए भी खोल दिया था। इतना ही नहीं, संगठन ने सरकार से कहा है कि वह मरीजों के लिए भोजन भी उपलब्ध करा सकती है।

अमित शाह के इस सप्ताह के अंत में इस सेंटर का दौरा करने की उम्मीद है। संभवतः गुरुवार तक अधिकारियों से पहले 2,000 बेड के संचालन शुरू करने को कहा गया है। शेष बेड को 3 जुलाई तक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली सरकार ने पहले अनुमान लगाया था कि इस महीने के अंत तक दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 1 लाख तक पहुंच जाएगी, जिसके लिए लगभग 15,000 बिस्तरों की आवश्यकता होगी।  

अधिकारियों ने कहा कि अमित शाह ने आईटीबीपी के चिकित्सा कर्मियों से कोविड केयर सेंटर के स्टाफ की मदद करने को कहा है। 10,200 बेड के इस केंद्र के शुरू हो जाने के बाद लगभग 1,400 नर्सों के अलावा 800 सामान्य डॉक्टरों और 70 विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता होगी।

 

 


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