भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से शुक्रवार को पहली बार पूछताछ की गई. इस मामले में इजराइल की सबसे बड़ी टेलीकम्युनिकेशन कंपनी बेजेक भी शामिल है. इसके अलावा दो अन्य मामलों में इजराइल की पुलिस ने नेतन्याहू से सवाल पूछे.

बता दें कि घूस लेने के संदिग्ध मामले के कारण पिछले चार बार से इजराइल के पीएम रहे नेतन्याहू का राजनीतिक करियर संकट में नज़र आ रहा है. हालांकि, उन्होंने किसी भी मामले में शामिल होने से इनकार किया है.

केस 4000 के नाम से चर्चित नई जांच में पुलिस का आरोप है कि बेजेक इजराइल टेलीकॉम ने नेतन्याहू और उनकी पत्नी का 'मनचाहा' न्यूज कवरेज अपनी वेबसाइट पर किया. इसके बदले में नेतन्याहू द्वारा टेलीकॉम कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक कैमरामैन ने शुक्रवार को पीएम आवास में दो पुलिसकर्मियों को जाते देखा. इजराइल रेडियो ने बताया कि उस दौरान नेतन्याहू की पत्नी सारा भी तेल अवीव के एक पुलिस स्टेशन में अपना बयान दर्ज करवाने पहुंचीं थी.

नेतन्याहू के पूर्व प्रवक्ता और बेजेक टेलीकॉम के मेजॉरटी शेयरहोल्डर शॉल एलोविच फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं. नेतन्याहू के विश्वासपात्र और कम्युनिकेशन मिनिस्ट्री के पूर्व डायरेक्टर जनरल शोलोमो फिल्बर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्बर सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गए हैं.

इजराइल में मजबूत राजनीतिक हैसियत रखने वाले नेतन्याहू 2009 से सत्ता में हैं. हालांकि, आरोपों को बावजूद उनका दावा है कि 2019 में भी वे चुनाव जीतेंगे.

केस 1000 के नाम से चर्चित मामले में उनपर दौलतमंद कारोबारी से महंगे तोहफे लेने का आरोप है, जिनकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये थी.

एक अन्य मामला 'केस 2000' में उनपर इजराइल के बड़े न्यूजपेपर में पॉजिटिव कवरेज करवाने का आरोप है.

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