बैंकों से कर्जा लेकर वि‍देश भागने से रोकने के लि‍ए सरकार बड़े कदम उठा रही है। सरकार ने आदेश जारी कि‍या है कि‍ जि‍न लोगों ने भी भारतीय बैंकों से 50 करोड़ रुपए से अधि‍क का लोन लि‍या हुआ है वह 45 दि‍नों के भीतर अपनी पासपोर्ट डिटेल बैंक को दें।

इसके अलावा अब जो 50 करोड़ से अधि‍क लोन लेने वाले नए ऋण धारकों को लोन के लि‍ए आवेदन करने के साथ ही अपने पासपोर्ट की डि‍टेल देनी होगी।

वित्त मंत्रालय ने देश के सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन लेने वालों की पासपोर्ट डिटेल्स एकत्र करें। निर्देश के अनुसार, बैंकों को यह डिटेल्स 45 दिन में एकत्र करना है। पीएनबी में घोटाला होने के बाद मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किए हैं।

बैंकों को मिला निर्देश

वित्त मंत्रालय ने बैंकों से कहा है कि अगर कर्जदार के पास पासपोर्ट नहीं है तो बैंक उससे हलफनामा ले कि वह पासपोर्ट नहीं रखता। बैंकों से यह भी कहा गया कि वे लोन एप्लीकेशन फॉर्म में भी बदलाव कर उसमें पासपोर्ट डिटेल्स का कॉलम शामिल करें।

विदेश भागने से रोकना मकसद

50 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज देते वक्त ही अगर बैंक पासपोर्ट डिटेल्स मांग लेंगे तो घोटालेबाजों या डिफॉल्टरों को देश छोड़कर भागने से रोका जा सकेगा। फिलहाल बैंकों के पास पासपोर्ट डिटेल्स नहीं होते हैं। इस वजह से डिफॉल्टरों के देश छोड़कर जाने से पहले इमिग्रेशन या एयरपोर्ट अथॉरिटी को जानकारी नहीं मिल पाती।

11 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा का हुआ था पीएनबी में घोटाला

पंजाब नैशनल बैंक ने फरवरी में सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,421 करोड़ रुपए के घोटाले के जानकारी दी थी। घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। इसकी शुरुआत 2011 से हुई थी। 7 साल में हजारों करोड़ की रकम 297 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। अब यह घोटाला 12,672 करोड़ रुपए का हो चुका है।

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